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घास में छिपी थी शेरनी! किसान जैसे ही पास पहुंचा, शुरू हो गया मौत का खौफनाक खेल... VIDEO देख कांप जाएंगे!

 


भावनगर (गुजरात): गुजरात के भावनगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शेरनी ने गांव के एक व्यक्ति पर अचानक हमला कर दिया। यह घटना पालिताना तालुका के गर्जिया गांव की बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो में देखा जा सकता है कि शेरनी ने एक ग्रामीण को जमीन पर दबोच रखा है और आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायल व्यक्ति की पहचान कालूभाई बोघाभाई परमार के रूप में हुई है। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

सुबह की दिनचर्या अचानक बन गई जानलेवा

स्थानीय लोगों और वन विभाग से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार सुबह लगभग 8:30 बजे हुई।

बताया जा रहा है कि कालूभाई बोघाभाई परमार रोज की तरह अपने घर के पास गायों को चराने के लिए निकले थे। उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि पास की ऊंची घास में एक शेरनी छिपी बैठी है।

जैसे ही वे उस स्थान के पास पहुंचे, शेरनी ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमला इतना तेज था कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।

जमीन पर गिराकर दबोच लिया

वायरल हो रहे कथित वीडियो में दिखाई देता है कि शेरनी ने व्यक्ति को जमीन पर गिरा रखा है।

बताया जा रहा है कि उसने अपने पंजों और जबड़ों से ग्रामीण के हाथ और पैर को जकड़ लिया था।

घायल व्यक्ति लगातार खुद को छुड़ाने की कोशिश करता दिखाई देता है।

वीडियो देखने वाले लोग इस दृश्य को बेहद भयावह बता रहे हैं।

हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

गांव वालों ने दिखाई हिम्मत

घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे।

कुछ लोगों ने हाथों में लाठियां उठा लीं, जबकि कुछ पत्थर लेकर शेरनी को भगाने की कोशिश करने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीण लगातार शोर मचाते रहे ताकि शेरनी व्यक्ति को छोड़ दे।

लेकिन काफी देर तक शेरनी वहां से हटने को तैयार नहीं हुई।

ग्रामीण लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर घायल व्यक्ति को बचाने की कोशिश करते रहे।

लगभग आधे घंटे तक चलता रहा संघर्ष

स्थानीय लोगों के अनुसार, कालूभाई लगभग 30 मिनट तक शेरनी के चंगुल से निकलने के लिए संघर्ष करते रहे।

इस दौरान गांव वाले भी लगातार उन्हें बचाने का प्रयास करते रहे।

बताया जाता है कि एक समय ऐसा आया जब शोर-शराबे के कारण शेरनी का ध्यान कुछ क्षणों के लिए दूसरी ओर चला गया।

इसी दौरान वह पास में बंधी एक गाय की तरफ बढ़ गई।

ग्रामीणों ने इस मौके का फायदा उठाया और घायल व्यक्ति को तुरंत वहां से सुरक्षित निकाल लिया।

तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया

घटना के बाद ग्रामीणों ने घायल कालूभाई को तत्काल पालिताना के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।

डॉक्टरों की टीम ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया।

बताया जा रहा है कि उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।

हालांकि समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण उनकी जान बच गई।

फिलहाल उनका इलाज जारी है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

गांव में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद गर्जिया गांव और आसपास के इलाकों में डर का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में शेरों की गतिविधियां बढ़ी हैं।

लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि शेरनी को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में भेजा जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सुबह और शाम के समय खेतों या चरागाहों में जाना अब जोखिम भरा महसूस होने लगा है।

वन विभाग की भूमिका

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची।

अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि आसपास किसी जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत विभाग को सूचना दें और स्वयं उसके पास जाने का प्रयास न करें।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।

गुजरात में क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?

गुजरात एशियाई शेरों का प्रमुख प्राकृतिक आवास माना जाता है।

मुख्य रूप से ये शेर गिर राष्ट्रीय उद्यान और उसके आसपास के क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि शेरों की संख्या बढ़ने और उनके प्राकृतिक क्षेत्र के विस्तार के कारण कई बार वे गांवों और कृषि क्षेत्रों के आसपास भी दिखाई देने लगे हैं।

हालांकि वन विभाग लगातार मानव और वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए विभिन्न उपाय करता रहता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगली जानवर सामान्य परिस्थितियों में मनुष्यों पर हमला नहीं करते।

लेकिन यदि उन्हें खतरा महसूस हो, वे अपने शावकों की रक्षा कर रहे हों या अचानक आमना-सामना हो जाए, तो हमला होने की संभावना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञ लोगों को सलाह देते हैं कि यदि किसी जंगली जानवर का सामना हो जाए तो घबराकर उसके करीब जाने या उसे उकसाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो देखने के बाद लोग ग्रामीणों की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर घायल व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया।

हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वायरल वीडियो को लेकर अफवाहें फैलाने से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

बढ़ी सुरक्षा की मांग

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

फिलहाल घायल व्यक्ति का उपचार जारी है और वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।

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